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लू लगने पर रोगी को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ?
लू से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• तौर पर बà¥à¤–ार आता है ।पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚ठहलà¥à¤•े बà¥à¤–ार के साथ दसà¥à¤¤à¤• देता है ।यदि आसपास के तापमान में बदलाव नहीं आठतो तेज गरà¥à¤®à¥€ के कारण शरीर का थरà¥à¤®à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ सिसà¥à¤Ÿà¤® नाकाम हो जाता है, यही सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ लू लगना कहते हैं।गà¥à¤°à¥€à¤·à¥à¤® ऋतॠमें à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿ जो आमतौर पर उà¤à¤° कर आती है उसे लू के नाम से जानते हैं लू लगने के पीछे à¤à¤• बड़ी वजह यह है कि इसमें वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर में पानी की कमी हो जाती है इस समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाने के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गà¥à¤°à¥€à¤·à¥à¤® ऋतॠमें अपने खानपान का विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना होता है
लू लगने पर रोगी को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिठ?
1) गरà¥à¤®à¥€ के सीजन में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ à¤à¤• औषधि का कारà¥à¤¯ करती है ।यह लू हमारा बचाव करती है। पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को काटकर दरदरा पीस कर जल में मिला लें ,फिर इस पानी में मिला ले और अपने पैर डालकर कà¥à¤› समय के लिठबैठे ।इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को ‘लू ‘ लगने पर बेहद आराम मिलता है।
2) जलजीरा में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ पाठजाते हैं ।जिनमें शरीर की कई वà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤¯à¤¾ ठीक हो जाती है ।जैसे वजन कम करना ,पेट की गड़बड़ी में à¤à¥€ आराम मिलता है ।इसके साथ ही जलजीरा शरीर में जल की कमी पूरी करता है।
3) पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— रायता ,चटनी, लेमन डà¥à¤°à¤¿à¤‚क ,सबà¥à¤œà¥€ बनाने में किया जाता है। यह खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ पेय दोनों पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ बनाता है , साथ ही यह सेहत के लिठà¤à¥€ काफी कारगर है।
4) नींबू पानी हमारे शरीर के लिठअतà¥à¤¯à¤‚त लाà¤à¤•ारी है ।नींबू पानी खाली पेट पीने से पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ ठीक रहती है ।नींबू के सेवन से शरीर में पाचन रस बनाता है। नींबू में विटामिन सी पाया जाता है जिससे शरीर निरोगी होता है।
5) लू से बचने के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को को छाछ का सेवन नियमित तौर पर करना चाहिà¤à¥¤ दही में लैकà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है ।जो कि बेहद फायदेमंद है ।छाछ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® पोटेशियम à¤à¤µà¤‚ जिंक की मातà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में पाई जाती है ।यह शरीर को फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ बनाठरखता है।
6) लू से बचने के लिठवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को धनिया को कà¥à¤› समय के लिठà¤à¤¿à¤—ो कर रख दें। उसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ उसे अचà¥à¤›à¥‡ से पीसकर ,उसमें पानी मिला ले, फिर उसे कपड़े से छानकर उस घोल में थोड़ा सा चीनी मिलाकर पीने से काफी लाठपहà¥à¤‚चता है।
8) इमली के बीजों को बारीक पीसकर पानी में मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ कर दें, फिर उसे कपड़े से छान लें ,इस घोल में चीनी मिलाकर पीये। लू से बचने के लिठसरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® उपाय हैं।
9) गरà¥à¤®à¥€ की ऋतॠमें चीनी से अधिक गà¥à¤¡à¤¼ का सेवन करना चाहिà¤, इसे खाना खाने के बाद इसे थोड़ा गà¥à¤¡à¤¼ का सेवन करे ।à¤à¤¸à¤¾ करने से लू लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ना के बराबर होती है।
10) लू से बचने के लिठबेल à¤à¤µà¤‚ नींबू का शरबत बहà¥à¤¤ ही सहायक सिदà¥à¤§ होता है। यह शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बनाठरखने का कारà¥à¤¯ करता है।
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